नेट मीटरिंग, आसान भाषा में

ग्रिड को भेजी गई सोलर यूनिट का क्या होता है, और अपनी खपत के बराबर साइज़ क्यों सबसे फ़ायदेमंद है।

यह कैसे काम करती है

दो-तरफ़ा (नेट) मीटर ग्रिड से ली गई और पैनल से ग्रिड को भेजी गई यूनिट गिनता है। हर बिल अवधि में भेजी गई यूनिट, ली गई यूनिट में से घटा दी जाती हैं, और आप केवल अंतर का भुगतान करते हैं।

अतिरिक्त यूनिट

अगर किसी बिल अवधि में आप लेने से ज़्यादा भेजते हैं, तो कंपनी अतिरिक्त यूनिट कम दर पर खरीदती है (गुजरात में लगभग ₹2.25 प्रति यूनिट)। खुद इस्तेमाल की गई हर यूनिट ₹6–9 की होती है, इसलिए खपत के बराबर बनाने वाला सिस्टम सबसे जल्दी पैसा लौटाता है।

मेरा सिस्टम कितना बड़ा हो सकता है?

आपके स्वीकृत लोड तक। बड़ा सिस्टम चाहिए तो पहले लोड बढ़वाने का आवेदन करें।

बचत पर असर डालने वाली बातें

  • बारिश के महीने (जून से सितंबर) में 25–40% कम उत्पादन।
  • पानी की टंकी, दीवार या पास की इमारत की छाया उत्पादन बहुत घटाती है।
  • नेट यूनिट शून्य होने पर भी फ़िक्स्ड चार्ज बिल पर रहता है।

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